कैसे अपनी आँखों की देखभाल करें

कैसे अपनी आँखों की देखभाल करें

आपकी आँखें दुनिया के लिए आपकी खिड़की होती हैं इसलिए इनकी देखभाल करना बहुत ज़रूरी है .

कुछ चीज़ें जैसे नियमित रूप से आँखों के डॉक्टर को दिखाना,

पर्याप्त सोना और कंप्यूटर का उपयोग करते समय अपनी आँखों को नियमित ब्रेक देने से आपकी आँखों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है .

अगर आपको दृष्टी सम्बन्धी कोई परेशानी हो तो यथासम्भव जल्दी से जल्दी एक नेत्रविशेषज्ञ के साथ

अपॉइंटमेंट लेने का कार्यक्रम बनाना चाहिए .

अपनी आँखों को स्वस्थ बनाये रखने के लिए आपके द्वारा किये जाने योग्य कुछ ज़रूरी चीज़ों को जानने के लिए आगे पढ़ते रहें .

नियमित रूप से नेत्रचिकित्सक के पास जायें:

ये प्रशिक्षित प्रोफेशनल होते हैं जो आपकी आँखों को स्वस्थ रखने में विशेषज्ञ होते हैं .

ये ऑप्थेल्मोलोजिस्ट (नेत्रविशेषज्ञ), ऑप्टिशियन या ऑप्टोमेट्रिस्ट हो सकते हैं.

अपनी आँखों के स्वास्थ्य को अच्छा बनाये रखने के लिए नियमित रूप से अपनी आँखें चेक कराएं या जब आपको दृष्टी सम्बन्धी परेशानी हो तब चेक कराएं .

अपनी आँखों के बारे में अधिक जानें और जब आप अपने डॉक्टर के पास जाएँ तब उनसे आँखों के बारे में जानकारी लें .

आँखों के बारे में ज्यादा जानने और आँखों की बीमारियों को रोकने के बारे में सीखने से आपको अपने स्वास्थ्य पर नियंत्रण अनुभव करने में मदद मिलेगी .

  • अगर आपको दृष्टी सम्बन्धी कोई परेशानी न हो
  • तो आपको अपनी 20 वर्ष से 30 वर्ष की आयु के बीच हर
  • 5-10 साल में नेत्रविशेषज्ञ को दिखाने के लिए जाना चाहिए.
  • आपको दृष्टी सम्बन्धी कोई परेशानी न हो तो अपनी 40-65 वर्ष की आयु के बीच हर 2-4 साल में नेत्रचिकित्सक के पास जाना चाहिए .
  • अगर आपको दृष्टी सम्बन्धी कोई परेशानी न हो तो अपनी 65 वर्ष की आयु के बाद हर 1-2 सालों में नेत्र चिकित्सक को दिखाएँ .

दिन के अंत में अपने कांटेक्ट लेंस निकाल लें:

19 घंटों से अधिक समय तक कांटेक्ट लेंस पहने रहने से बचें .

बहुत ज्यादा लम्बे समय के लिए कांटेक्ट लेंस पहने रहने से स्थायी रूप से दृष्टी को क्षति पहुँच सकती है,

साथ ही आपकी आँखों को अत्यधिक परेशानी हो सकती है .जब तक आपके डॉक्टर विशेषरूप से आपको ऐसा करने के लिए न कहें तब तक कांटेक्ट लेंस पहनकर कभी भी न सोयें .

आपकी आँखों को नियमित रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई की ज़रूरत होती है और लेंस,

आँखों के लिए ऑक्सीजन के प्रवाह को रोक देते हैं,

विशेषरूप से सोते समय, इसलिए डॉक्टर रात के समय कांटेक्ट लेंस न पहनने की सिफारिश करते हैं .

  • टाइट फिटिंग वाले गॉगल्स न पहने होने पर कांटेक्ट लेंस पहनकर न तैरें . अगर ज़रूरत हो तो प्रिस्क्रिप्शन गॉगल्स पहनना अधिक उचित होता है . कांटेक्ट लेंस पहने रहने पर आँखें बंद करके शावर लेने में कोई हर्ज़ नहीं है, लेकिन ध्यान रखें कि साबुन या शैम्पू आँखों में न जाए .
  • कांटेक्ट लेंस और सलूशन के उपयोग के लिए हमेशा अपने नेत्र चिकित्सक या मैन्युफैक्चरर के निर्देशों का पालन करें . इनके उपयोग से पहले हमेशा अपने हाथ धोएं .

दिन के अंत में अपनी आँखों के मेकअप को हटायें:

सोने से पहले हमेशा आँखों का मेकअप हटाने का समय निकालें . कभी भी मेकअप के साथ न सोयें .

अगर आप ऑय लाइनर या मस्कारा के साथ सोते हैं तो इससे आपकी आँखों में उत्तेजना हो सकती है .

  • रात के समय मेकअप के साथ सोने से आँखों के आस-पास के रोमछिद्र बंद हो जाते है जिससे गुहेरी हो सकती है .
  • एक गंभीर प्रकार की गुहेरी में एंटीबायोटिक्स या डॉक्टर के द्वारा उसे निकलवाने की ज़रूरत पड़ सकती है .
  • जब आप अपने रात के क्लीनजिंग रूटीन के लिए बहुत थके हुए हो अपने बेड के पास मेकअप रिमूवर पैड्स रखें .

लर्जन कम करने वाले ऑय ड्रॉप्स का संयम के साथ उपयोग करें:

एलर्जी के मौसम में एलर्जन कम करने वाले ऑय ड्रॉप्स के उपयोग से लालिमा

को कम करने और खुजली में राहत पाने में मदद मिल सकती है,

लेकिन इनके प्रतिदिन के उपयोग से वास्तव में परेशानी और बिगड़ सकती है .

इनके कारण फिर से लालिमा आ सकती है जिसके कारण आँखे अत्यधिक लाल हो जाती हैं क्योंकि फिर आँखें ऑय ड्राप के लिए कोई प्रतिक्रिया नहीं देतीं .

  • एलर्जन कम करने वाले ऑय ड्रॉप्स कॉर्निया के लिए रक्त के प्रवाह को कम करके अपना काम करते हैं.
  • जिससे ऑक्सीजन कम मिल पाती है | इसलिए जब आपकी आँखों में अधिक सूजन या खुजली अनुभव न हो तो इसका मतलब है .
  • कि आँखों को रक्त के द्वारा पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल रही है .
  • यह आदर्श नहीं है क्योंकि आँखों की मांसपेशियों और ऊतकों को कार्य करने के लिए ऑक्सीजन की ज़रूरत होती है .
  • ऑक्सीजन की कमी के फलस्वरूप भी आँखों में सूजन और स्कार हो सकते हैं .
  • ऑय ड्रॉप्स के लेवल को सावधानीपूर्वक पढ़ें, विशेषरूप से अगर आप कांटेक्ट लेंस पहनते हों . कई ऑय ड्रॉप्स का उपयोग कांटेक्ट लेंस पहने रहने पर नहीं किया जा सकता .
  • अपने नेत्र चिकित्सक से पूछें कि कांटेक्ट लेन्स के उपयोग के साथ
  • किसी प्रकार के ऑय ड्रॉप्स का उपयोग किया जा सकता है

यू वी प्रोटेक्टर सनग्लासेज पहनें:

जब तेज़ धूप हो और आप बाहर हो तो हमेशा सनग्लासेज पहनें .

99-100 प्रतिशत तक यूवीबी और यूवीए रेज़ को रोकने वाले लेंस से युक्त विशेष स्टीकर वाले सनग्लासेज ढूंढें .

  • अल्ट्रावायलेट रेज़ के संपर्क में लम्बे समय तक रहने से आपकी दृष्टी को नुकसान पहुँच सकता है,
  • इसलिए कम उम्र में ही आँखों की सुरक्षा रखने से, बाद के सालों में दृष्टी कम होने को रोकने में मदद मिल सकती है .
  • अल्ट्रावायलेट रेज़ मोतियाबिंद, मैकुलर डिजनरेशन, पिन्गुएकुला (pinguecula), और टेरिजियम (pterygium) से सम्बंधित होती हैं जो आँखों के लिए नुकसानदायक स्थितियां हैं .
  • अल्ट्रावायलेट रेज़ से होने वाले आँखों के नुकसान जीवनभर बने रहते हैं इसलिए इन हानिकारक किरणों से बच्चों को बचाना बहुत ज़रूरी होता है .
  • ध्यान रखें कि जब आपके बच्चे लम्बे समय के लिए धूप में बाहर जा रहे हों तो उन्हें बड़ी टोपी और सुरक्षात्मक चश्मे पहनाएं .
  • छाँव में होने पर भी सनग्लासेज पहने रहें .
  • सूर्य की ओर टकटकी लगाकर न देखें, भले ही आप अल्ट्रावायलेट सनग्लासेस पहने हो .
  • सूर्य की किरणें बहुत शक्तिशाली होती हैं और आपकी आँखों के तेज़ धूप के सीधे संपर्क में आने पर रेटिना के संवेदनशील भागों को क्षति पहुँच सकती है .

पर्याप्त नींद लें:

अपर्याप्त नींद आपकी आँखों की थकान के लिए जिम्मेदार होती है . आँखों की थकान के लक्षणों में आँखों में उत्तेजना, फोकस करने में परेशानी, अत्यधिक आंसू आना या आँखें सूखना, धुंधली दृष्टी या दोहरी दृष्टी, प्रकाश असंवेदनशीलता, या गर्दन, कन्धों, या पीठ में दर्द रहना शामिल हैं .

हर रात पर्याप्त नींद लेने से आँखों की थकान से बचा जा सकता है . वयस्कों को हर रात लगभग 7-8 घंटे सोने की ज़रूरत होती है .

नियमित रूप से व्यायाम करें:

नियमित व्यायाम से अन्य रोग जैसे डायबिटीज को रोकने में मदद मिल सकती है .

हर सप्ताह तीन बार कम से कम 30 मिनट व्यायाम करने से आप गंभीर नेत्र रोगों जैसे ग्लूकोमा और मैकुलर डिजनरेशन की के विकसित होने की संभावनाओं को कम कर सकते हैं .

 

 

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